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LIC क्या है और कैसे काम करता है? LIC Policy के फायदे, नियम व पूरी जानकारी 2026

LIC Sodho Editorial Team

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Updated: 2026-09-25•Reviewed by: LIC Sodho Actuarial Desk
LIC क्या है और कैसे काम करता है? LIC Policy के फायदे, नियम व पूरी जानकारी 2026
Executive Summary & Key Takeaways
  • भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 1 सितंबर 1956 को संसद के विशेष अधिनियम (LIC Act, 1956) द्वारा 245 से अधिक निजी बीमा कंपनियों और प्रॉविडेंट सोसायटियों का राष्ट्रीयकरण करके स्थापित की गई थी।
  • LIC Act की धारा 37 (Section 37) के तहत भारत सरकार LIC की सभी पॉलिसियों पर देय 'सम एश्योर्ड' (मूल बीमाधन) और 'बोनस' पर 100% सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) प्रदान करती है।
  • LIC अपने वार्षिक अधिशेष (Valuation Surplus) का 95% हिस्सा सीधे 'पार्टिसिपेटिंग' पॉलिसीधारकों को सिंपल रिवर्सनरी बोनस के रूप में वितरित करती है, जबकि केवल 5% हिस्सा शेयरधारकों/सरकार को जाता है।
  • LIC की प्रमुख योजनाओं में एंडोमेंट (बचत व सुरक्षा), मनी-बैक (आवधिक नकद वापसी), टर्म प्लान (शुद्ध जीवन सुरक्षा), होल लाइफ (100 वर्ष तक सुरक्षा), और पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
  • पॉलिसीधारकों को आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत प्रीमियम पर ₹1.5 लाख तक की छूट और धारा 10(10D) के तहत परिपक्वता (Maturity) व मृत्यु दावा राशि पर पूर्ण कर-मुक्त लाभ मिलता है।
भारतीय जीवन बीमा संरचना

LIC का कार्यप्रणाली चक्र व सॉवरेन सुरक्षा संरचना

प्रीमियम संग्रहण, सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश, 95% बोनस वितरण और धारा 37 सॉवरेन गारंटी

स्थापना व साख

1 सितंबर 1956

संसद का विशेष अधिनियम

245 कंपनियों का राष्ट्रीयकरण

सॉवरेन गारंटी

धारा 37 (Section 37)

100% सरकारी सुरक्षा

मूल बीमाधन + बोनस गारंटी

मुनाफा वितरण

95% बोनस आवंटन

पॉलिसीधारकों को लाभ

मात्र 5% शेयरधारकों को

🇮🇳 राष्ट्र का विश्वास: भारत सरकार की संचित निधि (Consolidated Fund) द्वारा गारंटीकृत देश का सबसे सुरक्षित जीवन बीमा संस्थान।

स्रोत: भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 एवं IRDAI वार्षिक परिचालन रिपोर्ट।

1. LIC क्या है? (भारतीय जीवन बीमा निगम का इतिहास व परिचय)

LIC का पूरा नाम Life Insurance Corporation of India (भारतीय जीवन बीमा निगम) है। यह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत देश की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी सार्वजनिक क्षेत्र की जीवन बीमा एवं निवेश कंपनी है।

इसकी स्थापना 1 सितंबर 1956 को भारतीय संसद द्वारा पारित LIC Act, 1956 के अंतर्गत की गई थी। उस समय भारत में कार्यरत 245 से अधिक निजी देशी-विदेशी बीमा कंपनियों और भविष्य निधि सोसायटियों का राष्ट्रीयकरण (Nationalisation) करके LIC का गठन किया गया था, ताकि आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रहे और देश के आर्थिक विकास में दीर्घकालिक पूंजी जुटाई जा सके।

ध्येय वाक्य (Motto): LIC का आधिकारिक संस्कृत ध्येय वाक्य है—"योगक्षेमं वहाम्यहम्" (श्रीमद्भगवद्गीता के 9वें अध्याय के 22वें श्लोक से), जिसका अर्थ है: "आपकी सुरक्षा व कल्याण की जिम्मेदारी हमारी है।"

2. LIC कैसे काम करता है? (प्रीमियम पूलिंग व 95% बोनस आवंटन)

LIC का वित्तीय मॉडल अत्यंत पारदर्शी, सुरक्षित और जन-कल्याणकारी सिद्धांतों पर आधारित है:

  • प्रीमियम संग्रहण (Pooling of Risk): देश के करोड़ों पॉलिसीधारक अपनी चुनी हुई अवधि (मासिक, त्रैमासिक, छमाही, वार्षिक) के आधार पर LIC को प्रीमियम जमा करते हैं।
  • सुरक्षित निवेश (Prudent Investment): LIC इन एकत्र फंडों का 80% से 85% से अधिक हिस्सा भारत सरकार की सिक्योरिटीज (G-Sec), राज्य विकास ऋणों (SDL), रेलवे, राजमार्ग, ऊर्जा और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे में निवेश करती है। शेष हिस्सा ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों में दीर्घकालिक निवेश के रूप में रखा जाता है।
  • 95% मुनाफे का वितरण (Surplus Distribution): हर वित्तीय वर्ष के अंत में LIC के चीफ एक्ट्यूअरी द्वारा वित्तीय मूल्यांकन किया जाता है। LIC अपने कुल शुद्ध अधिशेष (Surplus Profit) का 95% हिस्सा सीधे विथ-प्रॉफिट्स पॉलिसीधारकों को बोनस के रूप में बांट देती है, जबकि केवल 5% हिस्सा केंद्र सरकार/शेयरधारकों को लाभांश के रूप में दिया जाता है।

3. धारा 37 (Section 37): भारत सरकार की 100% सॉवरेन गारंटी

भारत में 24 से अधिक निजी बीमा कंपनियां कार्यरत हैं, लेकिन सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) केवल और केवल LIC को प्राप्त है:

LIC Act, 1956 की धारा 37 का कानूनी प्रावधान:

"निगम (LIC) द्वारा जारी की गई प्रत्येक जीवन बीमा पॉलिसी पर देय मूल बीमाधन (Sum Assured) तथा उस पर घोषित सभी वेस्‍टेड बोनस के नकद भुगतान की पूर्ण गारंटी प्रत्यक्ष रूप से भारत की संसद और भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) द्वारा दी जाती है।"

इसका अर्थ यह है कि यदि किसी अत्यंत असाधारण वित्तीय संकट में LIC अपने बलबूते पर भुगतान न भी कर सके, तो भारत सरकार अपने केंद्रीय राजकोष से पॉलिसीधारक के एक-एक रुपये का भुगतान करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।

4. LIC Policy लेने के मुख्य फायदे (सुरक्षा, बचत व लोन)

1. पूर्ण वित्तीय सुरक्षा (Family Cover)

पॉलिसी शुरू होते ही पहले ही दिन से पूरा बीमाधन लागू हो जाता है। यदि पॉलिसीधारक के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो परिवार को पूरा सम एश्योर्ड व संचित बोनस एकमुश्त दिया जाता है।

2. अनुशासित दीर्घकालिक बचत

नियमित प्रीमियम जमा करने से बच्चों की उच्च शिक्षा, बिटिया के विवाह या स्वयं की सेवानिवृत्ति (Retirement) के लिए एक निश्चित, गारंटीड फंड तैयार होता है।

3. आसान लोन सुविधा (Policy Loan)

कम से कम 2 वर्ष प्रीमियम भरने के बाद पॉलिसी पर मात्र 9.5% वार्षिक साधारण ब्याज दर पर बिना किसी सिविल स्कोर जांच के आसान लोन मिल जाता है।

4. आयकर में दोहरी छूट

प्रीमियम भुगतान पर धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख की छूट और परिपक्वता (Maturity) पर मिलने वाला पूरा पैसा धारा 10(10D) के तहत 100% टैक्स फ्री रहता है।

5. LIC की पॉलिसियों के प्रमुख प्रकार (एंडोमेंट, मनी बैक, टर्म, पेंशन)

पॉलिसी श्रेणी (Category) मुख्य उद्देश्य व कार्यप्रणाली प्रमुख लोकप्रिय प्लान्स
1. एंडोमेंट प्लान (Endowment) बचत + जीवन सुरक्षा। परिपक्वता पर सम एश्योर्ड व बोनस एकमुश्त मिलता है। जीवन लाभ (936), जीवन आनंद (915), न्यू एंडोमेंट (914)
2. मनी-बैक प्लान (Money Back) नियमित अंतरालों (हर 4-5 साल) पर नकद वापसी (Survival Benefit) मिलती है। 20 वर्ष मनी बैक (920), 25 वर्ष मनी बैक (921), धन रेखा (863)
3. होल लाइफ प्लान (Whole Life) 100 वर्ष की आयु तक सुरक्षा + आजीवन गारंटीड वार्षिक आय का भुगतान। जीवन उत्सव (871), जीवन उमंग (945)
4. टर्म इंश्योरेंस (Pure Term) कम प्रीमियम में बहुत बड़ा जीवन कवर (₹50 लाख से ₹5 करोड़+)। जीवन अमर (955), टेक टर्म (854), सरल जीवन बीमा (859)
5. पेंशन व वार्षिकी (Annuity) एकमुश्त निवेश पर आजीवन गारंटीड मासिक या वार्षिक पेंशन। सरल पेंशन (862), न्यू जीवन शांति (858), जीवन अक्षय-VII

6. LIC में बोनस कैसे बनता और जुड़ता है? (Simple vs FAB)

  • सिंपल रिवर्सनरी बोनस (SRB): हर वर्ष LIC अपने लाभ के आधार पर प्रति ₹1,000 सम एश्योर्ड पर बोनस दर घोषित करती है (जैसे ₹45 प्रति ₹1,000)। ₹10 लाख की पॉलिसी पर यह हर साल ₹45,000 का अतिरिक्त लाभ पॉलिसी बॉन्ड में जोड़ता है।
  • फाइनल एडिशनल बोनस (FAB): 15 वर्ष या उससे अधिक लंबी अवधि तक सफलतापूर्वक चलने वाली पॉलिसियों में मैच्योरिटी पर एकमुश्त अतिरिक्त प्रोत्साहन बोनस जोड़ा जाता है।

7. LIC Policy लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज (KYC Checklist)

पहचान व पते का प्रमाण:

• आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य)

• पैन कार्ड (Pan Card)

• पासपोर्ट साइज हालिया रंगीन फोटोग्राफ (2 प्रतियां)

आय व बैंकिंग प्रमाण:

• बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक (NEFT मैंडेट हेतु)

• सैलरी स्लिप या पिछले 3 वर्षों का ITR (बड़ी बीमा राशि हेतु)

• आयु प्रमाण (10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र)

8. ग्रेस पीरियड, पॉलिसी लैप्स और रिवाइवल के नियम

  • ग्रेस पीरियड (Grace Period): वार्षिक, छमाही और त्रैमासिक प्रीमियम के लिए देय तिथि से 30 दिन तथा मासिक मोड के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मिलता है। इस दौरान रिस्क कवर पूरी तरह बना रहता है।
  • लैप्स स्थिति: यदि ग्रेस पीरियड समाप्त होने तक भी प्रीमियम न भरा जाए, तो पॉलिसी लैप्स हो जाती है और बीमा कवर रुक जाता है।
  • रिवाइवल (Revival): लैप्स पॉलिसी को प्रथम अदत्त प्रीमियम (FUP) की तिथि से 5 वर्षों के भीतर बकाया प्रीमियम व 9.5% साधारण लेट फीस भरकर पुनः चालू कराया जा सकता है।

9. इनकम टैक्स छूट के नियम: धारा 80C और 10(10D)

भारतीय आयकर कानून के तहत LIC पॉलिसी धारक निम्न कर रियायतों के हकदार हैं:

  • धारा 80C: चुकाए गए प्रीमियम पर पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत प्रतिवर्ष अधिकतम ₹1,50,000 तक की आयकर कटौती मिलती है।
  • धारा 10(10D): मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम (सम एश्योर्ड + समस्त बोनस) 100% टैक्स फ्री होती है, बशर्ते 1 अप्रैल 2023 के बाद ली गई गैर-यूलिप पॉलिसियों का कुल वार्षिक प्रीमियम ₹5,00,000 से अधिक न हो।
  • मृत्यु दावा राशि: नॉमिनी को मिलने वाली डेथ क्लेम की पूरी राशि पर किसी भी सीमा के बिना शून्य टैक्स लगता है।

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Frequently Asked Questions

Actuarially validated answers to common policyholder questions

5 FAQs
01LIC क्या है और इसकी स्थापना कब हुई थी?
LIC (भारतीय जीवन बीमा निगम) भारत की सबसे बड़ी सरकारी जीवन बीमा कंपनी है, जिसकी स्थापना 1 सितंबर 1956 को संसद के विशेष अधिनियम (LIC Act, 1956) द्वारा 245 कंपनियों के राष्ट्रीयकरण से हुई थी।
02LIC में सॉवरेन गारंटी (Section 37) क्या है?
LIC Act, 1956 की धारा 37 के तहत भारत सरकार पॉलिसीधारक के पूरे बीमाधन (Sum Assured) और घोषित बोनस के नकद भुगतान की 100% वैधानिक सुरक्षा की गारंटी देती है।
03LIC अपने मुनाफे का कितना हिस्सा पॉलिसीधारकों को देती है?
LIC अपने कुल वार्षिक मूल्यांकन अधिशेष (Valuation Surplus) का 95% हिस्सा सीधे विद-प्रॉफिट्स पॉलिसीधारकों को बोनस के रूप में वितरित करती है।
04LIC पॉलिसी पर लोन लेने के क्या नियम हैं?
कम से कम 2 पूरे वर्ष का प्रीमियम भरने के बाद पॉलिसी के सरेंडर मूल्य के 90% तक आसान लोन लगभग 9.5% साधारण वार्षिक ब्याज दर पर प्राप्त किया जा सकता है।
05क्या LIC की मैच्योरिटी पर टैक्स लगता है?
आयकर अधिनियम की धारा 10(10D) के तहत मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम 100% कर-मुक्त (Tax-Free) होती है, बशर्ते 1 अप्रैल 2023 के बाद का कुल वार्षिक प्रीमियम ₹5 लाख से अधिक न हो।
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